Home / Hindi / Hindi Bible / Web / Isaiah

 

Isaiah 32.2

  
2. हर एक मानो आंधी से छिपने का स्थान, और बौछार से आड़ होगा; या निर्जल देश में जल के झरनेे, व तप्त भूमि में बड़ी चट्टान की छाया।